Assembly Election Updates : देश के पांच प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में आगामी विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां काफी तेज कर दी हैं। आयोग ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान इन सभी पांच राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretaries) को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। आयोग का स्पष्ट आदेश है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी की तैनाती उसके गृह क्षेत्र (Home District) में नहीं की जानी चाहिए, ताकि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठ सके।
अधिकारियों के स्थानांतरण के सख्त नियम
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल गृह क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उन विधानसभा क्षेत्रों या सीटों पर भी संबंधित अधिकारियों की तैनाती पर पूर्ण रोक रहेगी जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या किसी उपचुनाव के दौरान पदस्थ रहे थे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव, पक्षपात और धांधली की किसी भी गुंजाइश को समाप्त करना है। आयोग चाहता है कि सभी अधिकारी पूरी तटस्थता और जिम्मेदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
चुनावी समयसीमा और विधानसभाओं का कार्यकाल
उल्लेखनीय है कि इन पांचों राज्यों में फरवरी और मार्च के दौरान विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया संपन्न कराई जा सकती है। इससे पूर्व 2022 में निर्वाचन आयोग ने जनवरी के महीने में चुनावी तिथियों की आधिकारिक घोषणा की थी। राज्यों की वर्तमान विधानसभाओं के कार्यकाल की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 22 मार्च 22027, उत्तराखंड में 28 मार्च 2027, पंजाब में 16 मार्च 2027, गोवा में 13 मार्च 2027 और मणिपुर में 14 मार्च 2027 को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में समय रहते आयोग सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेना चाहता है।
राजनीतिक बवाल के बीच बेहद अहम होगा यह मुकाबला
विशेष रूप से एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर जारी राजनीतिक बयानों और बवाल के बीच यह विधानसभा चुनाव सभी राजनीतिक दलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें सत्तारूढ़ हैं, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार कार्य कर रही है। इन चुनावों के नतीजे आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा भी तय करेंगे।
राजनीतिक दलों की तैयारियां और जोरदार प्रचार अभियान
चुनावी बिगुल बजने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), आम आदमी पार्टी (AAP) और एआईएमआईएम (AIMIM) सहित कई प्रमुख क्षेत्रीय दल अभी से अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इन पार्टियों के शीर्ष नेता लगातार रैलियां, जनसंपर्क अभियान और चुनावी रैलियां कर रहे हैं ताकि जनता का विश्वास हासिल किया जा सके।
Read More : Cyclone Arnab Alert: आंध्र प्रदेश में चक्रवात का खतरा, 125 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

