Headline
BJP Congress Clash
BJP Congress Clash : राहुल गांधी की बहस चुनौती पर भड़के किरेन रिजिजू, इस्लामी कट्टरपंथ से की तुलना
Diwali Controversy
Diwali Controversy : दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो विवाद पर फडणवीस की प्रतिक्रिया, हाईकोर्ट के आदेश पर कही ये बात
Bihar News
Bihar News : बिहार में बाढ़ रोकने के लिए बड़ा फैसला, अब नदियों की गाद से बनेंगे नेशनल हाईवे
Banke Bihari VIP Entry
Banke Bihari VIP Entry : वृंदावन बांके बिहारी मंदिर में VIP दर्शन के नियम बदले, अब रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगी एंट्री
JP Nadda Bareilly Rally
JP Nadda Bareilly Rally : बरेली में जेपी नड्डा का कांग्रेस पर हमला, SIR और वोट चोरी को लेकर राहुल गांधी को घेरा
BJP vs Congress
BJP vs Congress : राहुल गांधी पर बीजेपी का बड़ा हमला, गौरव भाटिया बोले देश में अराजकता फैलाने की कोशिश
Jantar Mantar Protest Case
Jantar Mantar Protest Case : जंतर-मंतर प्रदर्शन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को नोटिस
Glacial Lake
Glacial Lake: हिमालय की झीलें क्यों बन रही हैं खतरे की घंटी, जानिए GLOF का पूरा सच
India A Squad
India A Squad: राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए भारत ए टीम घोषित, अभिषेक और वैभव को मिली जगह

Om Birla Statement : CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पर ओम बिरला का बयान, बोले- नियमों के अनुसार होगी कार्रवाई

Om Birla Statement

Om Birla Statement :  मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष की ओर से संभावित प्रस्ताव लाने की चर्चा के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को अहम बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्ष की ओर से दोबारा नोटिस दिया जाता है, तो उस पर निर्धारित संसदीय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। बिरला ने कहा कि चुनाव आयुक्तों को पद से हटाने के लिए भी कानून में स्पष्ट प्रक्रिया तय है।

चुनाव आयुक्तों को हटाने की प्रक्रिया पर क्या बोले ओम बिरला?

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब प्रस्ताव संसद में लाया जाएगा, तभी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने चुनाव आयुक्तों को हटाने की व्यवस्था की तुलना सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को पद से हटाने की प्रक्रिया से की। बिरला के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी राय और विचार रखने का अधिकार है। संसद में प्रस्ताव आने पर संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

विपक्ष की तैयारी के बीच राजनीतिक चर्चा तेज

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की संभावित तैयारी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी है। हालांकि, ओम बिरला ने प्रस्ताव पर पहले से कोई निष्कर्ष जाहिर नहीं किया। उनका कहना था कि संसद में औपचारिक रूप से नोटिस या प्रस्ताव आने के बाद ही प्रक्रिया के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा। इस बयान से स्पष्ट है कि प्रस्ताव की स्थिति में आगे की कार्रवाई निर्धारित नियमों और संसदीय व्यवस्था के अनुसार होगी।

संसद के सत्रावसान पर स्पीकर ने क्या कहा?

संसद के सत्रावसान से जुड़े सवाल पर ओम बिरला ने कहा कि इसके लिए संविधान में प्रक्रिया निर्धारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका नहीं होती। उनके अनुसार, सरकार की संसदीय समिति के माध्यम से प्रस्ताव राष्ट्रपति के समक्ष भेजा जाता है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत सत्रावसान किया जाता है। उन्होंने इस विषय पर विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह संविधान में निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ा मामला है।

अनुच्छेद 85 का किया उल्लेख

सत्रावसान पर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में बिरला ने संविधान के अनुच्छेद 85 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संवैधानिक व्यवस्था में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका नहीं है। उनके बयान का आशय यह था कि संसद के सत्र को समाप्त करने से जुड़ा निर्णय निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार लिया जाता है। इस मुद्दे पर उन्होंने आगे कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।

जस्टिस यशवंत वर्मा मामले की रिपोर्ट मिली

जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े मामले पर भी लोकसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। बिरला ने कहा कि रिपोर्ट पर चर्चा करने के बाद जल्द फैसला किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि रिपोर्ट पर निर्णय किस समय तक लिया जाएगा या आगे की कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा।

अब प्रस्ताव और रिपोर्ट पर फैसले का इंतजार

ओम बिरला के बयान के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव का नोटिस दोबारा देता है या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो आगे की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार चलेगी। वहीं, जस्टिस यशवंत वर्मा मामले में रिपोर्ट पर चर्चा और निर्णय को लेकर भी आगे की जानकारी का इंतजार है। फिलहाल, दोनों मामलों में अगले कदम संबंधित संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेंगे।

Read More : IPS Ankita Sharma : शस्त्र पूजा में AK-47 से फायरिंग पर विवाद, राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा को नोटिस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top
मिट्टी के दीयों से क्यों रोशन करते हैं घर? जानें इसका महत्व गुलमर्ग से औली तक, न्यू ईयर पर इन जगहों का करें दीदार कभी दाल में पानी मिलाकर खाते थे शाहरुख खान विंटर में स्टाइलिश दिखना है तो लेयरिंग के ये नियम जान लें क्या रोज चिया सीड्स खाना फायदेमंद है?