Amit Shah News : भाजपा राज्य कार्यसमिति की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इंडिया गठबंधन और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने संसद की कार्यवाही बाधित करने को लेकर विपक्ष की आलोचना की और कहा कि देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था संसद है, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और बहस होनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने विपक्षी दलों की ओर से अलग से मॉक पार्लियामेंट चलाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब संसद मौजूद है, तो इस तरह की गतिविधियों की जरूरत क्या है? बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
संसद में चर्चा के बजाय मॉक पार्लियामेंट चलाने पर सवाल
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्षी दलों को संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेकर अपनी बात रखनी चाहिए। संसद ही वह मंच है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच नीतियों, फैसलों तथा जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बने नए संसद भवन का भी उल्लेख किया। शाह का कहना था कि जब देश में चर्चा और बहस के लिए इतना बड़ा लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध है, तो विपक्ष को अलग से मॉक संसद चलाने के बजाय वास्तविक संसद में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
विपक्षी दलों के राजनीतिक प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने बैठक में विपक्षी दलों की राजनीतिक गतिविधियों और उनके प्रदर्शन पर भी टिप्पणी की। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कई राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ विपक्षी दल लंबे समय से वहां सत्ता में नहीं हैं। इसके बावजूद वे संसद में बहस और चर्चा करने के बजाय अलग से मॉक पार्लियामेंट आयोजित कर रहे हैं। शाह ने विपक्ष के इस तरीके को लेकर सवाल उठाए और भाजपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से राजनीतिक मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से रखने की बात कही।
अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर अमित शाह का हमला
बैठक के दौरान अमित शाह ने समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी का मुद्दा उठाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल को निशाने पर लिया। सूत्रों के मुताबिक, शाह ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को अपने पुराने राजनीतिक फैसलों और इतिहास पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता इन घटनाओं को भूली नहीं है।
1990 की गोलीबारी का जिक्र कर मुलायम सिंह यादव को घेरा
सूत्रों के हवाले से अमित शाह ने बैठक में कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1990 में मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों और रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटना के बाद समाजवादी पार्टी किस आधार पर दोबारा सरकार बनाने की बात करती है। शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जनता इस घटना को याद रखेगी और सपा की अगली पीढ़ियों को भी इसका राजनीतिक जवाब देना पड़ सकता है।
रामभक्तों पर गोलीबारी के मुद्दे को जनता तक पहुंचाने की अपील
अमित शाह ने अपने संबोधन में सरयू नदी का उल्लेख करते हुए 1990 की घटना को भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि सरयू का जल रामभक्तों के खून से लाल हो गया था। इस बयान के जरिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के पुराने शासन और उसके फैसलों पर सवाल खड़े किए। सूत्रों के अनुसार, शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें इस मुद्दे को जनता के बीच प्रभावी ढंग से उठाना चाहिए।
भाजपा की बैठक से विपक्ष को राजनीतिक संदेश
राज्य कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह के संबोधन को विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने संसद की कार्यवाही और मॉक पार्लियामेंट को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए, वहीं दूसरी ओर अयोध्या गोलीकांड के मुद्दे पर सपा को घेरा। हालांकि, बैठक में दिए गए इन बयानों की जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

