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Trump on Iran: ईरान को बताया ‘असफल राष्ट्र’, बोले- सैन्य ताकत तबाह; परमाणु हथियार पर दो टूक

Trump on Iran

Trump on Iran:  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। सोमवार को स्थानीय समय के अनुसार ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से पूरी तरह कमजोर हो चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने का सवाल ही नहीं उठता। ट्रंप ने साथ ही दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की सहायता से होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल और जहाजों की आवाजाही जारी है।

परमाणु हमले के सवाल पर भड़के ट्रंप

ईरान के खिलाफ परमाणु हथियार इस्तेमाल करने से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान सैन्य रूप से हार चुका है और ऐसे में उस पर परमाणु हमला करने की बात करना बेतुका है। ट्रंप ने अपने प्रशासन की सैन्य कार्रवाई को ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने वाला बताया और संकेत दिया कि फिलहाल परमाणु हथियार के इस्तेमाल की कोई आवश्यकता नहीं है।

ईरान की सैन्य क्षमता खत्म होने का दावा

ट्रंप ने ईरान को एक तरह से विफल राष्ट्र बताते हुए उसकी सैन्य स्थिति पर कई दावे किए। उनके अनुसार, ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश की निगरानी और सर्विलांस क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की आर्थिक स्थिति भी गंभीर है और सरकार के सामने अपने सैनिकों तथा पुलिसकर्मियों को वेतन देने तक की चुनौती है।

महंगाई और कमजोर मुद्रा का जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए वहां महंगाई के बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंचने का दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान की मुद्रा भी कमजोर हो चुकी है और देश का नेतृत्व बिखरा हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।

ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे

ट्रंप ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे को इजरायल और पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। उनका कहना है कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इजरायल और मध्य पूर्व की सुरक्षा का मुद्दा

ट्रंप ने दावा किया कि परमाणु हथियार हासिल करने की स्थिति में ईरान से इजरायल को बड़ा खतरा हो सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में ऐसे हथियारों का इस्तेमाल अमेरिकी शहरों के खिलाफ भी किया जा सकता था। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

ईरानी नेतृत्व पर गंभीर आरोप

ट्रंप ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि ईरानी नेतृत्व ने एक लाख से अधिक प्रदर्शनकारियों की जान ली है। ट्रंप ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ युद्ध अपराध के तहत कार्रवाई किए जाने की मांग दोहराई। हालांकि, उनके इन दावों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी इस बयान में नहीं दी गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी ट्रंप का दावा

बातचीत के दौरान ट्रंप ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फिलहाल जलडमरूमध्य की स्थिति बेहद अच्छी है और यहां जहाजों की आवाजाही जारी है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना की मदद से बड़ी संख्या में जहाज इस समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं और तेल की सप्लाई भी जारी है।

रोजाना करीब 30 जहाज गुजरने का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि औसतन हर रात करीब 30 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उनके अनुसार, समुद्री मार्ग से तेल की लगातार आवाजाही ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर संभावित दबाव को कम किया है।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़े उछाल का असर नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज से तेल की आपूर्ति जारी रहने के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वह बड़ा उछाल देखने को नहीं मिला, जिसकी आशंका जताई जा रही थी। ट्रंप के बयान के अनुसार, समुद्री मार्ग की सक्रियता और अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी ने तेल की आवाजाही को बनाए रखने में मदद की है। ऐसे में आने वाले दिनों में ईरान, होर्मुज और वैश्विक तेल बाजार पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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