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Iran News: खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच तेहरान में 3000 कब्रों की तैयारी, आखिर ईरान को किस बात का डर?

Iran News

Iran News:  ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, जिनकी मृत्यु अमेरिका और इजरायल के हमले में हुई थी, का अंतिम संस्कार एक अत्यंत संवेदनशील और विशाल आयोजन बन गया है। 3 जुलाई से शुरू हुआ यह शोक कार्यक्रम 9 जुलाई तक चलेगा, जिसके दौरान तेहरान से लेकर इराक के पवित्र शहरों तक अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस ऐतिहासिक विदाई समारोह में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। खामेनेई को 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, लेकिन इस बीच देश में एक गंभीर चिंता का माहौल बना हुआ है।

3000 मौतों की आशंका ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

जर्मन अखबार ‘डी वेल्ट’ की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने पूरे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सकते में डाल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारी अंतिम संस्कार के जुलूस के दौरान 1500 से 3000 लोगों की संभावित मौत की आशंका को लेकर तैयारी कर रहे हैं। इस भयावह अनुमान के पीछे मुख्य कारण अत्यधिक भीड़ और वर्तमान भीषण गर्मी है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि तेहरान के प्रसिद्ध ‘बहिश्त-ए-जहरा’ कब्रिस्तान में हजारों नई कब्रें पहले ही तैयार कर ली गई हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

खुफिया दस्तावेजों और रिपोर्टों में खुलासे

जर्मन मीडिया हाउस ने तेहरान नगर पालिका के एक कर्मचारी का हवाला देते हुए बताया कि प्रशासन बेहद सतर्क है। रेड क्रिसेंट और नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन के एक कथित गोपनीय पत्र में इन मौतों का पूर्वानुमान जताया गया है। कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया कि जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 3000 तक लोगों की जान जाने की स्थिति के लिए तैयार रहें। इस प्रकार का अनुमान समारोह के दौरान संभावित भगदड़ और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों की ओर इशारा करता है।

भीषण गर्मी और भीड़ प्रबंधन बनी बड़ी चुनौती

समारोह के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बेतहाशा भीड़ का नियंत्रण है। भीषण गर्मी के बीच लाखों की संख्या में लोगों का एक साथ जुटना किसी बड़े मानवीय संकट को न्योता दे सकता है। अधिकारियों को डर है कि नियंत्रण खोने की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते हैं। खामेनेई के पार्थिव शरीर को तेहरान, कोम, नजफ और कर्बला जैसे शहरों से ले जाया जाएगा, जो लॉजिस्टिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक जटिल कार्य है।

दुखद घटनाक्रम का घटनाक्रम

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में हुई थी। इस हमले में न केवल खामेनेई, बल्कि उनके परिवार के कई सदस्य और देश के शीर्ष अधिकारी भी मारे गए थे। इस घटना ने पूरे मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। अब पूरा ईरान इस दुखद घड़ी में अपने नेता को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर उतर आया है, जहां सुरक्षा और जनहानि को रोकना प्रशासन के लिए अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।

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