Bengal illegal immigrants : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (28 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था और लंबे समय से चली आ रही घुसपैठ की गंभीर समस्या को लेकर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज देश के प्रमुख समाचार पत्रों में यह सुखद खबरें प्रमुखता से छप रही हैं कि पूर्ववर्ती ममता सरकार के कार्यकाल में जहां पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से हर रोज धड़ल्ले से अवैध घुसपैठ होती थी, वहीं अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अमित शाह के अनुसार, वर्तमान समय में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठिए किसी कार्रवाई के डर से अब अपने आप ही सीमा पार वापस लौटने लगे हैं। उन्होंने इसे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में आया एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव करार दिया।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक्शन की सराहना: डिटेंशन सेंटर और सुरक्षित वापसी का विकल्प
गुजरात के अहमदाबाद दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ की जा रही सख्त कानूनी कार्रवाई की खुलकर सराहना की। शाह ने डिटेंशन सेंटरों का जिक्र करते हुए कहा, ‘शुभेंदु जी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की बंगाल सरकार ने घुसपैठियों को रखने के लिए आधुनिक डिटेंशन सेंटर तैयार किए हैं। इसके बावजूद, हमारा और सरकार का पहला प्रयास यही है कि जो लोग अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत आए हैं, वे बिना किसी बल प्रयोग के स्वेच्छा से अपने वतन वापस लौट जाएं।’
गृह मंत्री ने एक बड़ा आश्वासन देते हुए कहा कि जो लोग खुद ही वापस चले जाएंगे, बंगाल सरकार उनके खिलाफ कोई कानूनी केस दर्ज नहीं करेगी, बल्कि उनकी सुरक्षित रवानगी में हरसंभव प्रशासनिक मदद भी मुहैया कराएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य में आधिकारिक पहचान अभियान की औपचारिक शुरुआत होने से पहले ही बड़ी संख्या में घुसपैठिए खुद-ब-खुद देश छोड़ देंगे।
देशभर से घुसपैठियों को निकालने का संकल्प: जनसांख्यिकीय बदलाव पर बनी हाई लेवल कमेटी
अमित शाह ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह अटूट संकल्प है कि देश के कोने-कोने से एक-एक अवैध घुसपैठिए को चिन्हित कर बाहर निकाला जाए। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार ने देश में हो रहे कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों (Demographic Change) की गहन जांच के लिए एक अत्यंत उच्च स्तरीय कमेटी (High-Level Committee) का गठन किया है।
यह विशेष कमेटी देश के विभिन्न हिस्सों में आबादी के संतुलन में आ रहे कृत्रिम बदलावों, उनके मुख्य कारणों और इस प्रवृत्ति को रोकने के प्रभावी उपायों का एक व्यापक व वैज्ञानिक अध्ययन करेगी। शाह ने स्पष्ट किया कि यदि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए किसी नए और कड़े कानून को बनाने की आवश्यकता होगी, तो यह कमेटी उसकी भी सिफारिश करेगी। यह कमेटी अगले एक साल के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार जनसांख्यिकीय संतुलन को बिगाड़ने वाली ताकतों के खिलाफ पूरी मजबूती से कड़े कदम उठाएगी।
चिकन नेक और सीमा सुरक्षा को मजबूती: शुभेंदु सरकार ने मात्र 7 दिनों में सौंपी भूमि
पश्चिम बंगाल के संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जमीन आवंटित करने के मुद्दे पर भी अमित शाह ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने वादों को याद दिलाते हुए कहा, ‘हमने बंगाल की जनता से वादा किया था कि यदि राज्य में भाजपा को शासन की कमान मिलती है, तो हम बांग्लादेश सीमा पर बचे हुए कंटीले तारों (फेंसिंग) के काम को रिकॉर्ड समय में पूरा करेंगे।’
गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए बताया कि उन्होंने महज 7 दिनों के भीतर 600 हेक्टेयर महत्वपूर्ण भूमि BSF को हस्तांतरित कर दी है। इसके अतिरिक्त, सामरिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘चिकन नेक’ क्षेत्र की भी 121 हेक्टेयर भूमि BSF को सौंप दी गई है, जिससे अब देश की सीमाओं की चौबीसों घंटे निगरानी और सुरक्षा को अभेद्य बनाया जा सकेगा।
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