Middle East News : ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से पर्दे के पीछे चल रही बेहद संवेदनशील शांति डील पर अचानक ब्रेक लग गया है। दोनों शक्तिशाली देशों के बीच जारी कूटनीतिक तनाव को कम करने और वैश्विक व्यापार के लिए दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) को दोबारा सुरक्षित रूप से खोलने के लिए जिस ऐतिहासिक समझौते की उम्मीद जताई जा रही थी, वह अब पूरी तरह अधर में लटकती हुई दिखाई दे रही है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका पर अड़ंगेबाजी करने का सीधा आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि वॉशिंगटन के अड़ियल रवैये के कारण बातचीत का यह पूरा ताना-बाना बिखरने की कगार पर पहुंच गया है, जिसके बाद अब खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में एक बार फिर बारूदी तनाव और सैन्य टकराव बढ़ने की आशंका बेहद तेज हो गई है।
तस्नीम न्यूज का बड़ा खुलासा: ब्लॉक संपत्तियों (Frozen Assets) को रिलीज करने पर फंसा मुख्य पेंच
ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तस्नीम न्यूज’ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय गतिरोध की सबसे बड़ी और मुख्य वजह विदेशी बैंकों में अवैध रूप से ब्लॉक पड़ी ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियों (Frozen Assets) को रिलीज करने का विवादित मुद्दा है। ईरान ने इस मसले पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए दोटूक शब्दों में कहा है कि जब तक अमेरिकी प्रशासन इस बुनियादी और जरूरी शर्त को पूरी तरह से स्वीकार नहीं करता, तब तक दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार का अंतिम शांति समझौता होना बिल्कुल नामुमकिन है। तेहरान प्रशासन इस बात पर पूरी तरह अड़ा हुआ है कि अमेरिका को समझौते के शुरुआती चरण के तहत ही उसके रोके गए फंड को तत्काल प्रभाव से अनलॉक करना होगा, लेकिन वॉशिंगटन इस मांग पर अपनी हामी नहीं भर रहा है।
वॉशिंगटन के अड़ियल रुख से वार्ता विफल: अमेरिका पर बार-बार पाला बदलने का आरोप
‘तस्नीम न्यूज’ के मुताबिक, दोनों देशों के शीर्ष राजनयिकों के बीच हाल ही में कई दौर की गहन बातचीत हुई थी, लेकिन कुछ खास तकनीकी और रणनीतिक क्लॉज (शर्तों) पर अमेरिका के अड़ियल रवैये के कारण यह वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। ईरान के विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का आरोप है कि अमेरिकी प्रशासन बातचीत की मेज पर लगातार अपना रुख और नीतियां बदल रहा है। तेहरान का दावा है कि पहले जिन महत्वपूर्ण मुद्दों और शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन चुकी थी, अमेरिका अब उन पर भी नए पेंच फंसा रहा है और अपनी पुरानी प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रहा है, जिससे वैश्विक शांति की यह पूरी प्रक्रिया अब खटाई में पड़ती दिख रही है।
सीएनएन का दावा: पहले होर्मुज स्ट्रेट खोले ईरान, फिर जारी होगा फ्रीज फंड
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय विवाद पर अमेरिकी मीडिया घराने सीएनएन (CNN) ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, वॉशिंगटन का रुख इस मामले में बिल्कुल साफ और सख्त है। अमेरिका चाहता है कि ईरान सबसे पहले ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के समुद्री मार्ग को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह से खोले और वहां अपनी आक्रामक सैन्य गतिविधियां बंद करे। व्हाइट हाउस का मानना है कि जब ईरान इस शर्त को जमीनी स्तर पर पूरा कर देगा, केवल उसके बाद ही विभिन्न विदेशी बैंकों में फ्रीज की गई उसकी संपत्तियों को रिलीज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दोनों देशों की इस जिद ने खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
