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Mamata Banerjee Resignation : इस्तीफा देने से ममता बनर्जी का इनकार, संबित पात्रा ने याद दिलाया बाबा साहेब का संविधान

Mamata Banerjee

Mamata Banerjee Resignation : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के ऐतिहासिक नतीजों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 15 साल के लंबे शासन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि वह राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं सौंपेंगी।

ममता का तर्क है कि वे वास्तव में चुनाव नहीं हारी हैं, बल्कि उन्हें एक गहरी साजिश के तहत हराया गया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को स्वीकार करने के बजाय इसे “मतों की लूट” करार दिया और संवैधानिक गरिमा को दरकिनार करते हुए सत्ता पर बने रहने का संकेत दिया।

भाजपा का पलटवार: संबित पात्रा ने ममता के रुख को बताया ‘तानाशाही’

ममता बनर्जी के इस अड़ियल रुख पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे हास्यास्पद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि भारत अपनी लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है और इस तरह का बयान संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। पात्रा ने बाबा साहेब अंबेडकर की याद दिलाते हुए कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति अपरिहार्य नहीं है।

उन्होंने ममता बनर्जी के व्यवहार को “एंटाइटलमेंट” यानी खुद को सबसे ऊपर समझने वाली सोच करार दिया। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि हार स्वीकार न करना और सत्ता के हस्तांतरण में बाधा डालना तानाशाही प्रवृत्ति का प्रमाण है।

ममता के गंभीर आरोप: निर्वाचन आयोग और भाजपा पर साधा निशाना

ममता बनर्जी ने अपनी हार के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 100 सीटों पर जनादेश को तकनीकी धांधली और प्रशासनिक मिलीभगत से लूटा गया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि मतगणना की गति को जानबूझकर प्रभावित किया गया ताकि परिणामों को बदला जा सके। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भाजपा से नहीं, बल्कि उस निर्वाचन आयोग से थी जो कथित रूप से निष्पक्षता भूलकर केंद्र के पक्ष में काम कर रहा था। ममता ने स्पष्ट किया कि वे इस परिणाम को चुनौती देंगी और आसानी से मैदान नहीं छोड़ेंगी।

बंगाल में सत्ता परिवर्तन: भाजपा ने हासिल किया प्रचंड बहुमत

चुनावी आंकड़ों की बात करें तो 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस जीत के साथ ही बंगाल में करीब डेढ़ दशक से चले आ रहे टीएमसी के वर्चस्व का अंत हो गया है। बावजूद इसके, ममता बनर्जी ने रणनीतिक बदलाव का संकेत देते हुए कहा कि अब वह एक “आजाद पंछी” की तरह राष्ट्रीय राजनीति पर ध्यान केंद्रित करेंगी। उन्होंने विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को और अधिक मजबूत करने की बात कही और बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे दिग्गज नेताओं ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया है।

सड़कों पर संग्राम की तैयारी: 10 सदस्यीय जांच समिति का गठन

राजनीतिक हार को एक नए आंदोलन में बदलने की कोशिश करते हुए ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि वह अब “सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ेंगी।” उन्होंने चुनाव के बाद हुई हिंसा और कथित धांधली की जांच के लिए एक 10 सदस्यीय विशेष समिति बनाने का भी ऐलान किया है। ममता ने कहा कि वह जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी और जनता के बीच जाकर इस “साजिश” का पर्दाफाश करेंगी। जहां भाजपा नई सरकार बनाने की तैयारी में है, वहीं ममता का यह विद्रोही रुख बंगाल में एक नए राजनीतिक गतिरोध और संवैधानिक संकट की ओर इशारा कर रहा है। आगामी दिन राज्य की शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।

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