LPG Gas Price : आम आदमी की रसोई में चूल्हा जलाना अब और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। यदि आप अब तक इस बात से अनजान हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि आपकी जेब पर एक बड़ा बोझ पड़ने वाला है। सरकारी हलकों से मिल रहे संकेतों के अनुसार, घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में जल्द ही एक बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। गौरतलब है कि 1 मई को कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पहले ही लगभग एक हजार रुपये की भारी बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिसके बाद अब घरेलू गैस उपभोक्ताओं की बारी मानी जा रही है।
कीमतों में संभावित वृद्धि: 50 रुपये तक महंगा हो सकता है सिलेंडर
विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में 40 से 50 रुपये प्रति सिलेंडर तक का इजाफा किया जा सकता है। वह सिलेंडर, जो पहले से ही मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट को बिगाड़े हुए था, अब और भी महंगा होने की कगार पर है। जानकारों का मानना है कि कीमतों में यह बढ़ोतरी अगले 5 से 7 दिनों के भीतर लागू की जा सकती है। यह खबर उन करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए किसी झटके से कम नहीं है, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं।
महानगरों में आज की दरें: एक नजर मौजूदा कीमतों पर
फिलहाल देश के प्रमुख शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद ये आंकड़े काफी बदल जाएंगे। आज के मौजूदा दाम कुछ इस प्रकार हैं:
दाम बढ़ने के पीछे का कारण: अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल का खेल
आखिर क्यों सरकार कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है? दरअसल, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर घरेलू ईंधन की कीमतों को प्रभावित करता है। सरकारी सूत्रों का तर्क है कि लागत और बिक्री के बीच बढ़ते अंतर (Under-recoveries) को कम करने के लिए तेल कंपनियों पर भारी दबाव है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय की अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है, लेकिन सुगबुगाहट तेज है कि किसी भी क्षण आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
आम आदमी पर प्रभाव: सिर्फ रसोई ही नहीं, हर चीज होगी महंगी
50 रुपये की यह बढ़ोतरी महज एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि इसका असर व्यापक होता है। जब रसोई गैस महंगी होती है, तो इसका ‘डोमिनो इफेक्ट’ पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। होटल, रेस्तरां, टिफिन सर्विस और यहाँ तक कि स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की लागत भी बढ़ जाती है। यह आम आदमी की थाली से निवाला छीनने जैसी कड़वी हकीकत है, क्योंकि खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि हो जाती है।
सियासी घमासान: विपक्ष ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
जैसे ही कीमतों में बढ़ोतरी की सुगबुगाहट शुरू हुई, राजनीतिक गलियारों में तापमान बढ़ गया है। विपक्ष ने कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने पर पहले ही सरकार को घेरा हुआ है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन पर महंगाई का बोझ डाल रही है। यदि अगले कुछ दिनों में घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं, तो संसद से लेकर सड़क तक भारी विरोध और हंगामा होना तय माना जा रहा है।
बढ़ती महंगाई के इस दौर में गैस सिलेंडर की कीमतों में प्रस्तावित वृद्धि आम जनता की कमर तोड़ सकती है। अब देखना यह है कि सरकार जनता को कोई राहत देती है या महंगाई का यह बम फूट कर ही रहेगा।
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