Bengal Election Violence : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले मुर्शिदाबाद जिले का नाओदा इलाका दहल उठा। बुधवार की देर रात अज्ञात हमलावरों द्वारा देसी बम फेंके जाने की घटना सामने आई है। इस अचानक हुए हमले में कई स्थानीय लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। मतदान से कुछ घंटे पहले हुई इस बमबाजी ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
Bengal Election Violence : हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प
देसी बम फेंकने की घटना के बाद गुरुवार सुबह ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर स्थिति का जायजा लेने नाओदा पहुंचे। उनके वहां पहुंचते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं ने उनका पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों गुटों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हुई। हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में मतदाताओं को डराने के लिए सत्ताधारी दल द्वारा हिंसा का सहारा लिया जा रहा है, जबकि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन पर चुनावी माहौल बिगाड़ने का पलटवार किया।
Bengal Election Violence : सिलीगुड़ी में टकराव: बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ता आमने-सामने
सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान के दौरान शांति व्यवस्था प्रभावित हुई। जगदीश चंद्र विद्यालय स्थित पोलिंग बूथ के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस झड़प के कारण कुछ समय के लिए मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी मच गई, जिससे वहां कतार में खड़े मतदाताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मालदा में तकनीकी गड़बड़ी: खराब EVM पर जनता का फूटा गुस्सा
हिंसा के अलावा, राज्य के मालदा जिले से तकनीकी गड़बड़ी की खबरें सामने आईं। मालदा के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम (EVM) मशीन खराब होने के कारण मतदान की प्रक्रिया रुक गई। काफी देर तक समस्या का समाधान न होने पर मतदाताओं का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित लोगों ने मौके पर मौजूद चुनाव अधिकारी को घेर लिया और अपना विरोध दर्ज कराया। मतदाताओं का आरोप था कि अधिकारी जानबूझकर देरी कर रहे हैं, जिससे उनका समय व्यर्थ हो रहा है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नई मशीन मंगवाई और प्रक्रिया को पुनः सुचारू किया।
मतदान केंद्रों पर उत्साह: महिलाओं की लंबी कतारें बनीं चर्चा का विषय
तनाव और छिटपुट हिंसा के बावजूद, बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में लोकतंत्र के प्रति अटूट विश्वास देखने को मिल रहा है। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले काफी अधिक नजर आ रही है। महिलाएं अपनी सुरक्षा और विकास के मुद्दों को लेकर काफी मुखर हैं और भारी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही हैं। यही स्थिति तमिलनाडु में भी देखी गई, जहां लोग सुबह 7 बजे से ही कतारों में लगकर अपने नए भविष्य को चुनने के लिए उत्साहित दिखे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: चुनाव आयोग की पैनी नजर
हिंसा और झड़पों की घटनाओं के बाद चुनाव आयोग ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। मुर्शिदाबाद और सिलीगुड़ी जैसे हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी डर के अपने घरों से निकलें और निष्पक्ष तरीके से अपनी सरकार चुनें।
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