PM Modi in Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के पावन अवसर पर गुजरात के गांधीनगर में ‘सम्राट सम्प्रति म्यूजियम’ का भव्य उद्घाटन किया। यह म्यूजियम जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उद्घाटन के पश्चात प्रधानमंत्री ने म्यूजियम के विभिन्न खंडों का बारीकी से अवलोकन किया और जैन धर्म के महान संतों के योगदान को याद किया। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रीय संत पूज्य आचार्य पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज का आशीर्वाद भी लिया। एक महीने के भीतर प्रधानमंत्री का यह दूसरा गुजरात दौरा राज्य के विकास और विरासत दोनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PM Modi in Gujarat: म्यूजियम की खासियत: दो हजार से ज्यादा दुर्लभ पुरावशेषों का संग्रह
गांधीनगर स्थित इस अत्याधुनिक म्यूजियम को सात अलग-अलग विंग्स में विभाजित किया गया है। यहाँ जैन धर्म के विकास और उसके वैश्विक सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाने वाली दो हजार से अधिक दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं। इनमें प्राचीन जैन शिलालेख, पत्थर और धातु से बनी अद्वितीय मूर्तियां, सदियों पुरानी पांडुलिपियां, ऐतिहासिक सिक्के, चांदी के भव्य रथ और सूक्ष्म लघु चित्र (मिनिएचर पेंटिंग) शामिल हैं। यह म्यूजियम न केवल शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए ज्ञान का केंद्र बनेगा, बल्कि आम जनता को भी भगवान महावीर के सिद्धांतों और जैन संस्कृति की गहराई से परिचित कराएगा।
PM Modi in Gujarat: भारत बनेगा ग्लोबल चिप हब: साणंद में कीन्स सेमीकॉन ओएसएटी प्लांट की शुरुआत
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री साणंद पहुंचे, जहाँ उन्होंने ‘कीन्स सेमीकॉन’ के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली टेस्ट (ओएसएटी) प्लांट का उद्घाटन किया। इस प्लांट के शुरू होने के साथ ही भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को एक नई गति मिली है। फरवरी 2026 में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद यह देश की दूसरी ऐसी यूनिट है, जहाँ व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू होने जा रहा है। इस प्लांट की पूरी क्षमता विकसित होने के बाद यहाँ प्रतिदिन 6.33 मिलियन यूनिट्स बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक सप्लाई चेन में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।
कैलिफोर्निया भेजी जाएंगी भारतीय चिप्स: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का नया युग
साणंद के इस नए प्लांट में एडवांस्ड इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (IPMs) का निर्माण किया जाएगा। इन मॉड्यूल्स का प्राथमिक उपयोग ऑटोमोबाइल सेक्टर और जटिल औद्योगिक उपकरणों में होता है। तकनीकी विशिष्टताओं की बात करें तो प्रत्येक मॉड्यूल में 17 उच्च-गुणवत्ता वाली चिप्स लगी होंगी। खास बात यह है कि यहाँ तैयार होने वाले प्रोडक्ट्स को सीधे कैलिफोर्निया की प्रसिद्ध कंपनी ‘अल्फा और ओमेगा सेमीकंडक्टर’ को निर्यात किया जाएगा। यह भारत की ‘मेक इन इंडिया’ से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की रणनीति की एक बड़ी सफलता है, जहाँ भारतीय तकनीक अमेरिकी बाजारों तक अपनी पहुँच बना रही है।
वाव-थराड में विकास की गंगा: 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात
अपने दौरे के अगले चरण में पीएम मोदी वाव-थराड पहुंचे, जहाँ उन्होंने 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का विस्तार बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में है। प्रधानमंत्री ने 5,100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे’ का भी उद्घाटन किया। यह एक्सप्रेसवे धोलेरा विशेष निवेश रीजन (DSIR) के लिए लाइफलाइन साबित होगा। इसके अलावा धोलेवीरा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान बनाने के लिए एनएच-754के के विभिन्न खंडों और इदार-बडोली बाइपास का शिलान्यास भी किया गया।
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