वियतनाम अब भारतीय पर्यटकों के लिए एक नया और तेजी से लोकप्रिय होता डेस्टिनेशन बन चुका है। थाईलैंड की तुलना में अधिक सस्ता, सुविधाजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध यह देश छुट्टियों के लिए आदर्श विकल्प बनता जा रहा है। आसान वीजा प्रक्रिया, नॉन-स्टॉप उड़ानों की सुविधा, सस्ते होटल और खूबसूरत समुद्री तटों ने इसे भारतीयों की पहली पसंद बना दिया है। कोविड के बाद पर्यटन में आई तेजी और आंकड़ों में दिखी रिकॉर्ड वृद्धि इस बदलाव को दर्शाती है।
वियतनाम भारतीयों की पसंदीदा छुट्टियों की मंजिल
थाईलैंड के बाद अब वियतनाम भारतीयों की पसंदीदा छुट्टियों की मंजिल बनता जा रहा है। 2024 में यहां 1.75 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे, जिससे यह सिंगापुर से आगे निकल गया। 2025 के पहले आठ महीनों में 4.43 लाख भारतीय पर्यटक वियतनाम पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42.2% अधिक है। कोविड के बाद देश ने पर्यटन क्षेत्र में जोरदार वापसी की है। MakeMyTrip जैसी कंपनियों ने फ़ू क़ुओक जैसे स्थलों के लिए नए पैकेज लॉन्च किए हैं, जिससे भारतीयों को आकर्षक विकल्प मिल रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि भारतीय अब बजट और अनुभव दोनों को ध्यान में रखकर नई जगहों की ओर रुख कर रहे हैं।
आसान पहुंच और उड़ानों की सुविधा
वियतनाम की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी आसान पहुंच है। 2021 में वियतनाम एयरलाइंस ने अमेरिका और वियतनाम के बीच पहली नॉन-स्टॉप उड़ान शुरू की, जिससे सैन फ्रांसिस्को और हो ची मिन्ह सिटी जुड़ गए। भारत से भी कई नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू हुई हैं, जिससे यात्रा समय और लागत दोनों में कमी आई है। इन उड़ानों ने वियतनाम को फैमिली ट्रिप, हनीमून और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उपयुक्त बना दिया है। बेहतर कनेक्टिविटी ने वियतनाम को उन लोगों के लिए भी सुलभ बना दिया है जो पहली बार विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं।
वीजा प्रक्रिया में सुधार
2023 में वियतनाम ने नई इलेक्ट्रॉनिक वीजा पॉलिसी लागू की, जिसके तहत पर्यटक अब 90 दिनों तक ठहर सकते हैं। यह पहले की सीमा से तीन गुना अधिक है। इसके अलावा वीजा-मुक्त देशों की सूची में फ्रांस, जर्मनी, जापान, रूस, दक्षिण कोरिया और स्पेन जैसे देश शामिल किए गए हैं। भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन हो गई है, जिससे यात्रा की योजना बनाना आसान हो गया है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो कम समय में ट्रिप प्लान करना चाहते हैं।
भारतीयों की बढ़ती संख्या
2024 में वियतनाम में 5 लाख से अधिक भारतीय पर्यटक पहुंचे, जो कोविड के बाद 297% की वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा बताता है कि भारतीयों के बीच वियतनाम की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। फ़ू क़ुओक और हा लॉन्ग जैसे स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग्स का चलन बढ़ा है। भारत से सीधी उड़ानों और आसान वीजा प्रक्रिया ने इस मांग को और बढ़ाया है। वियतनाम अब सिर्फ एक छुट्टी स्थल नहीं, बल्कि एक अनुभव बन चुका है जिसे भारतीय पर्यटक बार-बार चुन रहे हैं।
दा नांग बना सबसे पसंदीदा शहर
2024 में दा नांग ने 2.22 लाख भारतीय पर्यटकों का स्वागत किया, जो सभी अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों का 5.3% है। लगभग 50% भारतीय पर्यटक वियतनाम में दा नांग में ही ठहरे। 2019 की तुलना में यहां भारतीय पर्यटकों की संख्या में 13.5 गुना वृद्धि हुई है। 2022 से भारत दा नांग के शीर्ष पांच अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल है। समुद्र तट, सांस्कृतिक स्थल और सस्ते होटल ने इसे भारतीयों के लिए आदर्श डेस्टिनेशन बना दिया है।
बजट में फिट होटल विकल्प
वियतनाम की सबसे बड़ी खासियत है यहां के सस्ते होटल। kayak.co.in के अनुसार, देश में 500 रुपये से होटल का किराया शुरू हो जाता है। दा नांग में दुय तुंग होटल में डबल बेड रूम 571 रुपये में उपलब्ध है, जबकि Snite Hotel & Dorm में शेयर्ड रूम 470 रुपये तक है। होआ फोंग एयरपोर्ट होटल में 3 सितारा सुविधाएं मात्र 692 रुपये में मिलती हैं। इस बजट में इतने विकल्प मिलना वियतनाम को भारतीयों के लिए और भी आकर्षक बनाता है।
चीन से भी बढ़ी पर्यटकों की संख्या
वियतनाम ने सिर्फ भारतीय ही नहीं, बल्कि चीन जैसे देशों से भी अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया है। 2025 तक देश का लक्ष्य है कि वह 2.3 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत करे। यह अब तक के सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। चीन से आने वाले पर्यटक वियतनाम की संस्कृति, समुद्री तटों और ऐतिहासिक स्थलों को पसंद कर रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।
लॉन्ग थान एयरपोर्ट से बढ़ेगी क्षमता
मार्च 2026 तक वियतनाम हो ची मिन्ह सिटी के पास नया लॉन्ग थान इंटरनेशनल एयरपोर्ट खोलने की योजना बना रहा है। इसके बाद देश की पर्यटन क्षमता 2.5 करोड़ पर्यटकों तक पहुंच जाएगी। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में वृद्धि करेगा। इससे वियतनाम को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती मिलेगी। भारतीय पर्यटकों के लिए यह एक और बड़ा कारण होगा वियतनाम को चुनने का।
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