Mallikarjun Kharge : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात और वहां के लोगों के बारे में अपनी हालिया विवादित टिप्पणियों पर औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया है। केरल में लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान से ठीक पहले, जब राजनीतिक पारा अपने चरम पर है, खरगे ने स्पष्ट किया कि उनके शब्दों का जानबूझकर गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका इरादा कभी भी किसी की भावनाओं या किसी राज्य की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना नहीं था। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है और इसे ‘गुजराती अस्मिता’ के अपमान से जोड़ दिया है।
Mallikarjun Kharge : सोशल मीडिया के जरिए खेद व्यक्त: “गुजरात के प्रति मेरे मन में सर्वोच्च सम्मान”
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपनी स्थिति साफ की। उन्होंने लिखा, “हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं।” खरगे ने आगे कहा कि उनके मन में गुजरात के लोगों के प्रति हमेशा सर्वोच्च सम्मान रहा है और भविष्य में भी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां के नागरिकों की भावनाओं को आहत करना उनका कभी भी राजनीतिक या व्यक्तिगत उद्देश्य नहीं था।
Mallikarjun Kharge : विवाद की जड़: केरल और गुजरात की साक्षरता पर की गई टिप्पणी
यह पूरा विवाद केरल के इडुक्की में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान शुरू हुआ। रैली को संबोधित करते हुए खरगे ने केरल के मतदाताओं की प्रशंसा की थी, लेकिन इसी दौरान उन्होंने गुजरात का संदर्भ देते हुए तुलना कर दी। उन्होंने कहा था, “केरल के लोग अत्यधिक शिक्षित और समझदार हैं, उन्हें आसानी से गुमराह नहीं किया जा सकता, जैसा कि गुजरात और कुछ अन्य क्षेत्रों के लोगों के साथ मुमकिन है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए आगे कहा, “आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों पर कम पढ़े-लिखे लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।” उनके इसी बयान को बीजेपी ने ‘अपमानजनक’ करार दिया।
बीजेपी का पलटवार: “यह गुजरात की जनता और महान विभूतियों का अपमान”
खरगे के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी नाराजगी जताई है। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां गुजरात के लाखों मेहनतकश लोगों का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार अपनी राजनीतिक हताशा निकालने के लिए गुजरात को निशाना बना रही है। संघवी ने याद दिलाया कि गुजरात ने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे महान नेतृत्व राष्ट्र को दिए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि गुजरात के मतदाता इस अपमान को भूलेंगे नहीं और आगामी चुनावों में कांग्रेस को इसका करारा जवाब देंगे।
राजनीतिक निहितार्थ: चुनाव पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि खरगे का त्वरित स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त करना एक रणनीतिक कदम है। कांग्रेस नहीं चाहती कि केरल में मतदान से पहले भाजपा को ‘क्षेत्रवाद’ या ‘साक्षरता बनाम निरक्षरता’ के मुद्दे पर उसे घेरने का मौका मिले। गुजरात में भी लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में वहां के मतदाताओं की नाराजगी कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकती है। फिलहाल, खेद जताने के बाद कांग्रेस इस विवाद को खत्म मान रही है, जबकि भाजपा इसे जनता के बीच ले जाकर चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि खरगे की इस सफाई का असर जमीन पर कितना पड़ता है।
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