Bhadohi Name Change : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले के नाम को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि अब जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमारा भदोही जिला इसी नए नाम से अपनी पहचान बनाएगा। इस घोषणा के साथ ही जिले के नाम को लेकर लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
संत रविदास के सम्मान में लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले का नाम संत रविदास के नाम पर रखने के फैसले को उनके विचारों और सामाजिक योगदान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया था। उनके विचारों और शिक्षाओं को सम्मान देने के उद्देश्य से जिले को नई पहचान देने की घोषणा की गई है। सरकार के स्तर पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के बाद प्रशासनिक और सरकारी दस्तावेजों में भी नई पहचान लागू होने की दिशा में कदम बढ़ेंगे।
1340 करोड़ की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात
भदोही पहुंचे मुख्यमंत्री ने केवल जिले के नाम की घोषणा ही नहीं की, बल्कि विकास परियोजनाओं से जुड़ी बड़ी सौगात भी दी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में अलग-अलग विकास कार्य शामिल हैं, जिनका उद्देश्य जिले में बुनियादी सुविधाओं और विकास गतिविधियों को गति देना है।
कार्यक्रम में जनता से मिले मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की। उन्होंने जनता का हालचाल जाना और लोगों से संवाद किया। इस दौरान बच्चों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनसे बातचीत की और उन्हें दुलारने के साथ खिलौने भी दिए। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं भी की गई थीं।
मायावती सरकार में पहली बार बदला था नाम
भदोही के नाम को लेकर यह पहली बार नहीं है, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इससे पहले बहुजन समाज पार्टी की सरकार के दौरान जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदास नगर’ किया गया था। उस समय प्रशासनिक स्तर पर भी जिले की पहचान इसी नाम से की जाती रही। नाम परिवर्तन को संत रविदास के सम्मान और सामाजिक पहचान से जोड़कर देखा गया था।
अखिलेश सरकार में फिर लौटा था भदोही नाम
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद समाजवादी पार्टी की सरकार ने जिले के नाम को दोबारा बदलने का फैसला लिया। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने दिसंबर 2014 में ‘संत रविदास नगर’ का नाम बदलकर फिर ‘भदोही’ कर दिया था। इस फैसले के बाद सरकारी स्तर पर भदोही नाम का इस्तेमाल दोबारा शुरू हुआ।
योगी सरकार में फिर मिली संत रविदास नगर पहचान
अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद जिले की पहचान एक बार फिर संत रविदास के नाम से जोड़ दी गई है। मौजूदा घोषणा में ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम सामने आया है। इससे जिले के नाम को लेकर पिछले वर्षों में हुए बदलावों का सिलसिला फिर चर्चा में आ गया है। यह फैसला प्रशासनिक पहचान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
नाम परिवर्तन के साथ विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री की भदोही यात्रा में नाम परिवर्तन के साथ विकास कार्यों पर भी जोर रहा। 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा है। ऐसे में रविवार का कार्यक्रम दो प्रमुख घोषणाओं के कारण महत्वपूर्ण रहा—एक तरफ जिले को संत रविदास नगर भदोही की नई पहचान देने का ऐलान हुआ, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई।
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