किस पितर का श्राद्ध कब करें? पितृपक्ष शुरू होने से पहले जान लें ये नियम

पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी।

श्राद्ध का दिन मृत्यु की तिथि से तय होता है।

सही तिथि के लिए पंचांग देखना जरूरी है।

जिस तिथि को मृत्यु हुई, उसी तिथि पर श्राद्ध करें।

मातृ नवमी पर महिला पितरों का श्राद्ध होता है।

मृत्यु तिथि अज्ञात हो तो अमावस्या को श्राद्ध करें।

अमावस्या को सर्वपितृ श्राद्ध की मान्यता है।

संन्यासी पितरों के लिए एकादशी-द्वादशी तिथि मानी जाती है।