गृहस्थ और साधु सभी आज मनाएंगे जन्माष्टमी

4 सितंबर को मनेगा कृष्ण जन्मोत्सव, इस बार तारीख को लेकर कोई अलग दिन नहीं है।

गृहस्थों से लेकर साधु-संतों तक, सभी इस बार एक ही दिन जन्माष्टमी मनाएंगे

अष्टमी तिथि की शुरुआत 3 सितंबर की रात करीब 2:30 बजे हुई है।

5 सितंबर की रात 12:30 बजे तक अष्टमी तिथि का प्रभाव रहेगा

रात 11:05 से 12:35 बजे तक कृष्ण पूजन का विशेष शुभ समय रहेगा

आधी रात में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा

भक्त बाल गोपाल को झूला झुलाकर माखन-मिश्री का भोग अर्पित करेंगे

मान्यता है कि कृष्ण को बांसुरी चढ़ाने से मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है।